चित्र-कथाएँ व वृत्तचित्र
दृश्य अभिलेख: पर्वतमालाओं से दीर्घाएँ और फ़िल्में। अभिलेखागार का यह कक्ष अभी-अभी खुला है; दीवारें प्रतीक्षा में हैं।
चित्र-कथाएँ
पहली चित्र-कथाएँ अभी मैदान से इकट्ठी की जा रही हैं। यहाँ का खाली स्थान जानबूझकर रखा गया है; दीर्घा अभिलेख के साथ-साथ बढ़ेगी।
वृत्तचित्र
फ़िल्में बनने में सबसे अधिक समय लेती हैं, और भूलने में भी। पहले वृत्तचित्र धीमी तैयारी में हैं।
हिमालय को ध्यान से तस्वीरों में उतारा है?
पर्वतमालाओं पर आपकी चित्र-कथा या फ़िल्म इस अभिलेख का हिस्सा बन सकती है, आपके नाम और श्रेय के साथ।
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